Hindi Unseen Passage Grade 5 अपठित गद्य़ांश कक्षा 5

Hindi Unseen  Passage Grade 5 अपठित गद्य़ांश कक्षा 5 

यहाँ पर कक्षा 5 के छात्रों  के अभ्यास के लिए अपठित गद्यांश दिए हैं । इस से विद्यार्थियों को तो मदद मिलेगी ही, साथ  ही शिक्षकों को भी अपठित गद्यांश से संबंधित प्रश्न-पत्र बनाने में सहायता मिलेगी।  अगर आपको यह सामग्री पसंद आती है तो कृपया इस ब्लॉग को सबस्क्राइब करें और अपने साथियों को भी इसके बारे में जानकारी दें ।  

1. नीचे लिखे पठित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।                                    

सुलेख के महत्व के बारे में गाँधी जी ने लिखा है – “पढ़ाई में सुलेख की कोई आवश्यकता नहीं है , यह बात  मेरे  मन में  न जाने  कहाँ  से  आ  गई थी। लेकिन जब मैंने दक्षिण अफ़्रीका के वकीलों और पढ़े-लिखे  नवयुवकों  के मोती  जैसे  अक्षर  देखे  तो  बहुत  शर्मिंदा  हुआ। उसके बाद मैंने  अपनी लिखावट सुधारने की कोशिश की , लेकिन पके घड़े पर कहाँ मिट्‍टी चढ़ती है ।“  

प्रश्न:

(i)यहाँ पर सुलेख का महत्त्व कौन बता रहे हैं ?

(i) बच्चे                               

(ii) गाँधी जी              

(iii) वकील                            

(iv)  पढ़े-लिखे नवयुवक

(ii)  गाँधी जी के मन में क्या बात आ गई थी ?

         (i) पढ़ाई में सुलेख की कोई आवश्यकता नहीं है ।                                  

          (ii) पढ़ने की कोई आवश्यकता नहीं है । 

         (iii) वकील सुलेख  नहीं लिखते।                                

(iv) सभी

(iii) दक्षिण अफ़्रीका जाकर गाँधी जी क्यों शर्मिंदा हुए -

                    (i)उनके पास अच्छे कपड़े नहीं थे।     

                (ii) सुलेख न लिखने के कारण 

                (iii) दक्षिण अफ़्रीका जाने के कारण         

                 (iv) इनमें से कोई नहीं  

   (iv) “पके घड़े पर कहाँ मिट्‍टी चढ़ती है”  का अर्थ है -

(i) पका घड़ा मज़बूत होता है।

(ii) इधर-उधर देखना ।

(iii) आदतें बिगड़ जाने पर उन्हें सुधारना कठिन होता है।  

(iv)पका घड़ा किसी काम का नहीं ।  

 (v) गाँधी जी ने सुलेख की तुलना किस से की है  -

(i) मोती से 

(ii) हीरे से 

(iii) सोने से

(iv) चाँदी से  

2. नीचे लिखे पठित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।

एक गरीब किसान था, उसका नाम नागप्पा था । वह एक छोटे से गाँव में रहता था।वह हर साल अपने जमीन पर खेती करता था और उसमें चावल उगाता था।इसी गाँव के करीब एक जंगल था । उस जंगल में कुछ लुटेरे रहते थे । नागप्पा अपनी फ़सल तैयार होने पर उसे बेचने शहर जा रहा था। लुटेरे रास्ते के किनारे जंगल में छिप गए । जब नागप्पा अपने चावल बेचने के लिए बैलगाड़ी से ले जा रहा था, लुटेरों ने उस पर हमला कर दिया और उसकी सारी फ़सल लूट ली ।

(क) किसान का नाम क्या था ?

    (i) मोहन         (ii) नागप्पा           (iii) नागेश

(ख) नागप्पा कौन सी फसल उगाता था?      

      (i) चावल          (ii) गेंहू                 (iii) सरसों

(ग)किसान अपनी फसल को बेचने कहाँ ले जा रहा था?

      (i) जंगल                (ii) गाँव                (iii) शहर

(घ) किसान फ़सल को कैसे ले जा रहा था?

      (i) ट्रैक्टर से               (ii) बैलगाड़ी से         (iii) घोड़ागाड़ी से

 (रास्ते पर किसान पर किसने हमला किया?

(i) लुटेरों ने                 (ii) शेर ने               (iii) किसानों ने 

प्रश्‍न 3: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर उसके नीचे लिखे बहुवैकल्पिक प्रश्नों के उचित उत्तर दीजिए ।                                                        

 मैं पुस्तक हूँ। मैं तुम्हारी अपनी पुस्तक है। अगर तुम मुझसे प्यार करोगे तो बड़े बन जाओगे मैं ज्ञान का भंडार हू। आदमी को आदमी मैंने बनाया है। इंसान पढ़ सकता है, पशु नहीं पढ़ सकते। मुझे ध्यान से पढ़ने वाला ज्ञानी बन जाता है। मुझे प्रेम से पढ़ने वाला महान बन जाता है। इसीलिए मैं कहती हूँ कि मुझे ध्यान से पढ़ा करो।मैं यह नहीं कहती कि तुम खेला न करो। खेलना भी आवश्यक है पर पढ़ना उससे भी अधिक आवश्यक है।

 (क) यह गद्यांश किसके बारे में है ?

   (i)पुस्तक            (ii). कलम             (iii) आदमी

 ख) ज्ञानी का विलोम शब्द है-

     (i)पुस्तक            (ii)विद्वान             (iii)अज्ञानी

(ग) अगर तुम पुस्तक से प्यार करोगे तो क्या बन जाओगे ?

    (i)अच्छे बन जाओगे    (ii)छोटे बन जाओगे        (iii) महान बन जाओगे

(घ) पुस्तक किसका भंडार है ?

   (i)दया का भंडार             (ii)प्रेम का भंडार             (iii) ज्ञान का भंडार

(ङ) आदमी का दूसरा समानार्थक शब्द  है-

     (i)इंसान                  (ii)विद्वान                         (iii)महान                                                    

 

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